आलम खान की उम्र जब 12 साल थी, तब उसने एक पारिवारिक मित्र को अपने पिता की हत्या करते हुए देखा था। 12 साल तक उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया और बदला लेने की योजना बनाता रहा। 16 दिसंबर को जब आखिरकार उसने अपना कथित बदला लिया, तो लाश को 12 टुकड़ों में काटा। वह बदला लेने के इंतजार में बिताए 12 साल का हिसाब लेना चाहता था।
ठगे जाने के कारण दुबई में बस के अंदर रहने को मजबूर भारतीय कामगारों की रिपोर्ट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मदद के लिए आगे आई हैं। सुषमा स्वराज ने रिपोर्ट देखने के बाद दुबई स्थित भारतीय दूतावास को इन कर्मियों की मदद करने के लिए निर्देश दिए हैं।